ज्योतिष एक अनुभव है ,यह कोई सामान्य चीज नहीं है इसके लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है, हमने बचपन से इसमें रुचि दिखलाई नौवीं क्लास से ही हम बड़ी शिद्दत के साथ ज्योतिष को पढ़ने लगे और फिर हमारे पिताजी दादाजी भी प्रसिद्ध ज्योतिषी थे उनके आशीर्वाद से हमें योग्य गुरुकुल की प्राप्ति हुई और गुरुकुल से ही हम पूरे मेहनत के साथ कर्मकांड और ज्योतिष को जोड़कर के आगे बढ़ने लगे जब हमने देखा की चमत्कार को नमस्कार है, जैसे-जैसे हम इसके अंदर डूबते गए उसी के आधार पर मोती प्राप्त होते गए एक दिन हमने देखा कि हमने किसी को बताया कि, आप इस तारीख तक नौकरी लग जाओगे किसी को हमने बताया कि आपका ,विवाह इस तारीख तक हो जाएगा जो भी बातें हुई सत्य हुई तब हमें और भी अधिक भरोसा हुआ तब से हम इसको भोजन की तरह से जीवन में उसे करने लगे और आज हमने इस स्तर तक ज्योतिष को समझा कि आप सबके बीच में उपस्थित होकर के हम इस सेवा को आगे बढ़ा रहे हैं