Effects of Mars in Second House according to Lal Kitab 1941 - Astrologer Vijay Goel - EP50
लाल किताब 1941 की विवेचन शृंखला का ये मेरा पचासवा वीडियो है। इसमे मैंने “मंगल खाना नंबर 2 (जब कुंडली के दूसरे घर मे मंगल स्थित हो) के बारे मे विश्लेषण करने का प्रयास किया है। दूसरा भाव हमारे जन्म मरण का दरवाजा भी है। यानी इसका सम्बन्ध हमारे पिछले और आगे के जन्म से भी है,लेकिन यह सम्बन्ध कोई इतना विशेष नहीं जिसे हम फ़लकथन के साथ प्रयोग कर सकें,यह घर हमारे ससुराल का घर भी है,यानी ससुराल के साथ हमारे कैसे सम्बन्ध रहेंगे तथा ससुराल की स्थिति कैसी होगी आदि बातें इसी भाव से देखी जातीं हैं। दूसरे भाव में मंगल का फल शुभ होता है परन्तु तब जब मंगल बलि अवस्था में हो। द्वितीय स्थान धन भाव (Wealth House) भी है। इस स्थान में मंगल आपको भौतिक उपलब्धियां प्रदान करता है। आप विद्वान गुणी और पारिवारिक संबन्धियों में प्रतिष्ठित होंगे। कमजोर मंगल इस भाव में आपको कलह प्रिय, निष्ठुर, मंद बुद्धिवाला अपव्ययी विषयी तथा अनैतिक कामप्रिय (sex lover) बनाता है। मंगल ग्रह को अत्यन्त गुणवान और भू-सम्पत्ति देने वाला कहा जाता है। मंगल में अहंकार और आत्माभिमान विशेष रूप से होता है। मंगल ग्रह के अधिदेवता स्कन्द या कार्त्तिकेय है और भगवान कार्तिकेय में भी आत्माभिमान कूट-कूट कर भरा हुआ है। ये विवेचना लाल किताब ज्योतिषियों के अलावा, भृगु नंदी नाड़ी ज्योतिषियों और वैदिक (पाराशर) ज्योतिषियों के लिए भी उपयोगी हो सकती है। वीडियो के बारें मे अपनी प्रतिक्रिया से अवगत अवश्य कराएं। लाल किताब 1941 का विस्तृत वॉल्यूम PDF फॉर्मेट मे प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप्प (+918003004666) पर संपर्क करें। http://www.vijaygoel.net/ #MarsInSecondHouse #LalKitab #LalKitabAstrology #Mars #मंगल #Mangal #LalKitabAstrologer #LalKitab1941 #LalKitabJyotish #VijayGoel #AstrologerVijayGoel #AstrologerVijay #VedicJyotish #VedicAstrology #NadiJyotish #NadiAstrology #Astrology #Astrologer #Jyotish #Jyotishi #MangalKhanaNo2 #मंगलखानानंबर2 #लालकिताब #लालकिताब1941 #लालक









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