वीडियो पेज: केतु खाना नंबर 10 (Ketu in Tenth House) - Lal Kitab (लाल किताब) 1941 – EP106 – Astrologer Vijay Goel
लाल किताब 1941 की विवेचन शृंखला का ये मेरा एकसौछवां वीडियो है। इसमे मैंने “केतु खाना नंबर 10” (जब कुंडली के दसवे घर मे केतु स्थित हो) के बारे मे विश्लेषण करने का प्रयास किया है। कुंडली के दसवें घर को भारतीय वैदिक ज्योतिष में कर्म स्थान अथवा कर्म भाव कहा जाता है तथा कुंडली का यह घर मुख्य रूप से कुंडली धारक के व्यवसाय के साथ जुड़े उतार-चढ़ाव तथा सफलता-असफलता को दर्शाता है। कुंडली का दसवां घर कुंडली धारक को अपने जीवन में प्राप्त होने वाले यश या अपयश के बारे में भी बताता है तथा विशेष रूप से अपने व्यवसाय के कारण मिलने वाले यश या अपयश के बारे में। कुंडली का दसवां घर कुंडली धारक की महत्त्वाकांक्षाओं के बारे में भी बताता है । कुंडली में दशम घर से कर्म, आत्मविश्वास, आजीविका, करियर, राज्य प्राप्ति, कीर्ति, व्यापार, पिता का सुख, गोद लिए पुत्र का विचार, विदेश यात्रा आदि का विचार किया जाता है। दशम भाव में स्थित केतू अपको तेजस्वी और बलवान बनाता है। आप बुद्धिमान और विभिन्न शास्त्रों को जानने वाले व्यक्ति हैं। आप आत्मज्ञानी और शिल्पकला के जानकार भी हैं। आप हर मामले में विजय प्राप्त करने वाले और प्रसिद्ध व्यक्ति होंगे। आप स्वभाव से मिलनसार व्यक्ति हैं। आप एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और आपका प्रभाव अतुलनीय है। आपके विरोधी भी आपकी प्रसंशा करेंगे। आपको यात्राएं बहुत पसंद होंगी। आप शत्रुओं को परास्त करने वाले व्यक्ति हैं। लेकिन यहां स्थित केतू कुछ अशुभफल भी देता है फलस्वरूप आप कुछ व्यर्थ के कामों में अपने परिश्रम को बेकार कर देते हैं। आप कुछ हद तक अभिमानी भी हैं। माता पिता में से किसी एक का सुख कम मिलेगा। पिता को लेकर कुछ चिंता रह सकती है। जब भी आप अच्छे काम के लिए प्रयत्नशील होंगे, उसमें कुछ व्यवधान आ सक








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